पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने मांगा हाफिज के खिलाफ सबूत, भारत ने टीवी चैनल पर आतंकी की गवाही का टेप चलाया

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री खक़्क़न अब्बासी ने कहा है कि अगर भारत के पास सबूत है तो वो हाफिज सईद के विरुद्ध अंतराष्ट्रीय न्यायलय जा सकता है। लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस बयान के 24 घण्टे के अंदर हाफिज सईद के खिलाफ एक जीता जागता सबूत भारतीय टीवी चैनल्स पर गवाही दे रहा था।
जी हां, भारतीय सेना के हाथ लगे लश्कर के आतंकी मोहम्मद अामिर ने एक बार फिर पाकिस्तान के झूठ को बेनकाब कर दिया है।
महज 18 साल की उम्र का यह आतंकी कराची, पाकिस्तान का रहने वाला है। खास बात ये है कि भारतीय सेना के हाथ आये इस आतंकी ने हाफिज और लखवी जैसे आतंकवादियों की एकेडमी से ट्रेनिंग ली है।
एक निजी चैनल पर आतंक के पाकिस्तानी खिलाड़ी की लाइव एंड एक्सक्लूसिव रनिंग कमेंट्री सुनकर लोग दंग हैं।
इस आतंकी ने सिलसिलेवार बताया कि कैसे हाफिज-लखवी के गुरुकूल में दहशतगर्दी के संपोले तैयार किए जाते हैं। और कैसे शुरु होती है गुरबत और गरीबी से जूझते जरूरतमंदों को आतंक के ट्रैंप मे फंसाने की साजिश। ये लड़का पाकिस्तान की आंखों देखी असलियत सबके सामने बता रहा है।
इसका पूरा नाम है मोहम्मद अामिर उर्फ अबु हमास। इसकी उम्र अभी 18 साल है और इसका पता- हाउस नंबर-776, गली नंबर-14, मोहल्ला-पावर हाउस, महाजार कैंप, कराची, पाकिस्तान है।
ये लडका कराची में कबाड बेचता था। बाप बीमार था। 6 भाई-बहनों का बड़ा परिवार था। हाथ खाली थे, सिर पर जिम्मेदारी थी। आतंक की फैक्ट्री के लिए इससे बेहतर कच्चा माल और क्या हो सकता था। कराची में सक्रिय लश्कर की रिक्रूटमेंट यूनिट ने इसे फंसाने का काम शुरु कर दिया।
इस लड़के के मुताबिक उसे लश्कर के आतंकियों ने 4 हजार रुपये दिए। इसके बाद हाफिज-लखवी के लर्निंग इंस्टीट्यूट में 18 साल के लड़के को लड़ाकू बनाने की कहानी शुरू हो गई. पहले जरूरमंतों को फंदे में लेना। फिर उसके दिमाग में इस्लाम के नाम पर नफरत की अफीम भरना और जब उसका दिमाग मुट्ठी में आ जाए तो उसे खूनखराबे की उंची तालीम देना ही लश्कर का काम है, जिसके लिए इस जैसे लड़कों को ट्रेनिंग अड्डों पर भेज दिया जाता है।
इस आतंकी लड़के ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने लश्कर के ट्रेनिंग कोर्स की पूरी जानकारी दी।  कैसे इसे एके-47 चलाना सिखाया गया। कैसे हाफिज सईद-लखवी के नफरत भरे भाषण सुना-सुनाकर इसके दिमाग को सुन्न किया गया। जिंदा आंतकी ने और भी बहुत कुछ बताया जिसे सुनकर आप इस नतीजे पर पहुंचेंगे कि कश्मीर घाटी में आतंकियों के विकेट चटकाने का सिलसिला जारी रखना होगा क्योंकि जब तक हाफिज-लखवी जैसे दुश्मनों का ट्रेनिंग सेंटर सुरक्षित है, कश्मीर से आतंक का सफाया संभव नहीं है।
आपके लिए ये जानना जरूरी है कि कश्मीर में आतंक की फसल लगाने के लिए पाकिस्तान की हुकूमत और उसके कैसे जरूरतमंद नौजवानों को फंसाते हैं. उनके दिमाग में नफरत का खाद-बीज डालते हैं।
ट्रेनिंग कैंप में इस आतंकी को पूरी तरह रंगरूट में ढाल दिया गया। बम से लेकर एके-47 तक चलाने की ट्रेनिंग दी गई. इसके दिमाग में भारत के खिलाफ नफरत ठूंस दी गई।
इस आतंकी को भी पूरी तैयारी के साथ भेजा गया था. उन तमाम सामानों के साथ जिनके जरिए ये भारत में अपने पांव जमा सके. लेकिन ये आतंकी सेना के हत्थे चढ़ गया. इस आतंकी ने इतनी डिटेल बताई है कि जिससे ये साफ हो रहा है कि कश्मीर में पाकिस्तान से इंपोर्ट किए गए आतंकियों का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है. उन सबको पाकिस्तान से हुक्म मिलता है. पहले कसाब और अब ये जिंदा आतंकी. कब तक सच से मुंह छिपाता रहेगा पाकिस्तान?

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