क्यों है गुजरात की जीत मोदी की सबसे बड़ी जीत

मीडिया में छपी खबरों की माने तो ये बात निकालकर सामने आ रही है कि कांग्रेस ने ब्रिटिश फर्म कैम्ब्रिज अनालिटिक को गुजरात चुनावों में प्रचार के लिए इस्तेमाल किया है। इसी मीडिया मैनेजमेंट फर्म की वजह से 77 सीटें प्राप्त की। खबर के मुताबिक, कांग्रेस के लिए गुजरात चुनाव ने सारा प्रसार और प्रचार को ठेका इस कम्पनी को सौंपा था। ये वही कम्पनी है जिसने अमरीका के 2016 राष्ट्रपति चुनावों में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को जीत दिलाई थी। और अब अनालिटिक कांग्रेस की मदद कर रही है।

यह जानकर आपको घोर आश्चर्य होगा कि कैम्ब्रिज ने पूरे गुजरात मे कांग्रेस के लिए सभी तरह तरीकों का इस्तेमाल किया। छोटे से छोटे शहर और जनसमूहों को अपने वश में करने के लिए फेसबुक, ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म का खूब उपयोग किया। जाति , धर्म और आंदोलन की मदद ली गई।

डेटा मैनेजमेंट का यह खेल कितना कारगर सिद्ध हुआ वो कांग्रेस की सीटों में बढ़ोतरी बताती है। कैम्ब्रिज ने वैसे तो पूरे गुजरात में यह काम किया लेकिन रणनीति के तहत, पाटीदार, ग्रामीणों, किसानो और अल्पसंख्यकों को टारगेट किया गया। क्रमशः आरक्षण, कर्ज़ माफी और सरफ़राज़ निजामी को चुनाव में उपयोग किया। ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस को मिली सीटों की वजह यही था। कश्मीरी विवादस्पद कांग्रेस नेता निजामी को अल्पसंख्यको के वोट पाने के उपयोग की नीति कैम्ब्रिज ने ही जमीन पर उतारी।

यही नही गुजरात मे शिव भक्तों की ज्यादा तादाद को अपनी ओर करने के लिए राहुल गांधी ने खुद को शिव भक्त बताने की कोशिश की। यह भी कैम्ब्रिज अनालिटिक के कहने पर ही किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस ने जहां आरक्षण धर्म और अलगावाद को आधार बना कर गुजरात चुनाव लड़ा जबकि मोदी ने विकास और साफ सुथरा शासन के आधार पर चुनाव लड़ा। विशेषज्ञ का यह भी मानना है कि अगर मोदी ने शहरों में विकास नही किया होता और कांग्रेस जिन बातों की बिनाह पर चुनाव लड़ रही थी कांग्रेस को 150 सीटों पर पहुंचा सकती थी। लेकिन मोदी के तूफानी रैलियों और विकास के नारे ने ऐसा होने नही दिया। शहरों सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा और गांधीनगर में अगर मोदी ने विकास नही किया होता तो उन्हें 50 से 60 सीटों नही मिली होती जिसने बाद में हार और जीत का अंतर बनाया।

कैम्ब्रिज अनालिटिक ब्रिटिश डेटा मैनेजमेंट कंपनी है जो चुनाव प्रचार करने और नीतियां बनाने का काम करती है। कांग्रेस ने इस कंपनी को 2 साल पहले मोटी रकम देकर चुनाव प्रचार का ठेका दिया। इस कंपनी के नीतिओ के आधार पर ही हार्दिक पटेल और जिग्नेश मवानी का उपयोग हुआ। हार्दिक पटेल ने पाटीदार आंदोलन खड़ा किया और मवानी ने पिछड़े वर्ग का आंदोलन जिसका असर चुनावों में हुआ। यही नही ईसाइयों के एक पादरी ने भी जो अपील मोदी के विरुद्ध वोट देने के लिए फतवा जारी करवाया, अनालिटिक के कहने पर ही ये किया गया।

ये वही कंपनी है जिसने डोनाल्ड ट्रम्प को राष्ट्रपति के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंतन को हराने के कैम्ब्रिज अनालिटिक ने ही मदद की थी।

खबरों के अनुसार कैम्ब्रिज अनालिटिक 2019 के चुनावों में भी कांग्रेस की मदद करेगी जिसमें देश के लगभग सभी हिस्सों में कांग्रेस की नीति वर्ग, धर्म और अल्पसंख्यक को टारगेट किया जाएगा।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s